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10+ best (very sad) kisan par shayari in hindi - kisan ki zindagi



 kisan par shayari in hindi - kisan ki zindagi



kisan par shayari in hindi-किसान हर देश का आधार स्तंभ होते हैं। kisan ki zindagi  कठिनाइयों से भरी होती है।  और उन पर ही देश की आर्थिक व्यवस्था टिकी होती है। विश्व का समस्त आनंद, ऐश्वर्य और वैभव किसानों के कारण ही हमें मिलता है, लेकिन उस किसान को नहीं जो इतनी मेहनत करते हैं।

भारत एक कृषि प्रधान देश माना जाता है और यहां की जनता का अन्नदाता पालनकर्ता एवं जीवन का आधार किसान ही है। अन्य देशों की तुलना में भारत में किसानों का अधिक महत्व है। वर्तमान में भारतीय किसानों की दशा अत्यंत दयनीय है।


kisan ki zindagi-



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दुबला पतला शरीर, फटे पुराने कपड़े, चहरे पर एक चिंता की इस साल इंद्र देव की मेहरबानी होगी या फिर से वहीं मजबूरी, बस यह भारतीय किसानों की पहचान रह गई है।

इनका खानपान रुखा सुखा और रहन-सहन बिलकुल सादा रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए कुछ kisan par shayari in hindi आपके के लिखी है पसंद आये तो अपने किसान भाइयो अन्नदाता के  जरूर करे। ..


kisan par shayari in hindi-टूटा भी वहीं है जो

टूटा भी वहीं है जो हार चुका हो..
झुका भी वहीं है जो डर चुका हों
देखो भाग्य मेरे अन्नदाता का..
विधाता भी जेसे उससे रूठ चुका हों।

toota bhee vaheen hai jo haar chuka ho..
jhuka bhee vaheen hai jo dar chuka hon
dekho bhaagy mere annadaata ka..
vidhaata bhee jese usase rooth chuka hon.
फूल खिला दे शाखों पर, पेड़ को फल दे मालिक..
जितनी प्यासी धरती है उतना तो जल दे मालिक।

phool khila de shaakhon par, ped ko phal de maalik..
jitanee pyaasee dharatee hai utana to jal de maalik.


kisan par shayari in hindi-मजबूरियों का



मजबूरियों का फायदा हर किसी ने उठाया है
कभी कर्ज़ ने तो कभी बरसात ने रुलाया है..
अनपढ़ रह कर भी इंसानियत नहीं कोई ..
पाई पाई चुकाने को अपने आप गिरवी रख आया है
देश का भाग्य लिखने वाला अन्नदाता..
आज फ़िर भूखा सोया है...




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majabooriyon ka phaayada har kisee ne uthaaya hai
kabhee karz ne to kabhee barasaat ne rulaaya hai..
anapadh rah kar bhee insaaniyat nahin koee ..
paee paee chukaane ko apane aap giravee rakh aaya hai
desh ka bhaagy likhane vaala annadaata..
aaj fir bhookha soya hai...




कुछ यादें मेरे साथ चली..
कुछ गांव से शहर पांव पांव चली,
खोते देखा अपनी संस्कृति को..
शहर की वो हवा अब मेरे गांव चली।



kuchh yaaden mere saath chalee..
kuchh gaanv se shahar paanv paanv chalee,
khote dekha apanee sanskrti ko..
shahar kee vo hava ab mere gaanv chalee.
kisan par shayari in hindi



बिन बारिश के किसी ढूढ़ सा खडा हू..
एक एक पौधे को मरते देखकर में लाचार पड़ा हू।
प्यासी धरती को पानी दे मेरे मालिक..
इस बार तो सर से पाव तक कर्ज़ में डूबा हू।




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bin baarish ke kisee dhoodh sa khada hoo..
ek ek paudhe ko marate dekhakar mein laachaar pada hoo.
pyaasee dharatee ko paanee de mere maalik..
is baar to sar se paav tak karz mein dooba hoo.



सजा मिली उसे जो बेकसूर था.
कर्ज़ ना चुका पाने का उसे बेहद दुख था
छत ढ़की ना थी और दुआओं में बारिश लेकर
वों अन्न दाता मेरे देश का मरने को मजबूर था।



saja milee use jo bekasoor tha.
karz na chuka paane ka use behad dukh tha
chhat dhakee na thee aur duaon mein baarish lekar
von ann daata mere desh ka marane ko majaboor tha.


kisan par shayari in hindi-मेरे खेत की




मेरे खेत की मिट्टी से पलता पेट तेरे शहर का..
मेरे पसीने की बूँदों से भी कर्ज़ नहीं चुकता खातेदारों का
मेरा नादान गाव आज भी उलझा है किश्तों मे
वों कचरे के ढेर में फेंकता, अन्न मेरी मेहनत का।

mere khet kee mittee se palata pet tere shahar ka..
mere paseene kee boondon se bhee karz nahin chukata khaatedaaron ka
mera naadaan gaav aaj bhee ulajha hai kishton me
von kachare ke dher mein phenkata, ann meree mehanat ka.


kisan par shayari in hindi-अन्नदाता से रूठा




अन्नदाता से रूठा विधाता, अब भाग्य ना देता साथ..
वों हरियाली को बंजर कर गया, मौसम का है इसमें हाथ।
कभी बरसे तो बर्बाद, कभी ना बरसे तो बर्बाद..
हर साल कर्ज से दम तोड़ता और नेता करते झूठी बात।


annadaata se rootha vidhaata, ab bhaagy na deta saath..
von hariyaalee ko banjar kar gaya, mausam ka hai isamen haath.
kabhee barase to barbaad, kabhee na barase to barbaad..
har saal karj se dam todata aur neta karate jhoothee baat.

kisan par shayari in hindi-पेट भर गया



पेट भर गया तो थोड़ी इज़्ज़त से रोटी फेंकना साहब.
भुखमरी से भी मरने वाले मेरे देश में है बेहिसाब।

pet bhar gaya to thodee izzat se rotee phenkana saahab.
bhukhamaree se bhee marane vaale mere desh mein hai behisaab.



फैंक दिया उसने यह कहकर ये सुबह का खाना है।
कभी देख उसके पसीने को, ना फुर्सत का बहाना है
पेट भरना वाला वों अन्नदाता भूखा ही सो जाता है
तेरे शहर में बारिश हुई है पर उसका खेत अभी कर्ज़ में डूबा है।

phaink diya usane yah kahakar ye subah ka khaana hai.
kabhee dekh usake paseene ko, na phursat ka bahaana hai
pet bharana vaala von annadaata bhookha hee so jaata hai
tere shahar mein baarish huee hai par usaka khet abhee karz mein dooba hai.
 

kisan par shayari in hindi-वों नदिया अभी



वों नदिया अभी सुखी है जो मेरे गांव का भाग्य लिखती हैं।
वों बरसात अभी बाकी है जो किसान के चहरे पर दिखती है।


von nadiya abhee sukhee hai jo mere gaanv ka bhaagy likhatee hain.
von barasaat abhee baakee hai jo kisaan ke chahare par dikhatee hai.
उसे पता नहीं-kisan par shayari in hindi



उसे पता नहीं ये धूप है या छाव,
चहरे से लगता है विधाता ने दिया है फिर सूखे का घाव।
उसके पसीने की बूँदों से फसल उग आती है
उतनी बरसात होती तो पूरे होते अन्नदाता के ख्वाब।






kisan ki  shayari image, -shayari-love-me.com




use pata nahin ye dhoop hai ya chhaav,
chahare se lagata hai vidhaata ne diya hai phir sookhe ka ghaav.
usake paseene kee boondon se phasal ug aatee hai
utanee barasaat hotee to poore hote annadaata ke khvaab.


वोट बेंक की खातिर कुछ वादे कर गए ..
एक बार फ़िर अन्नदाता का दिल जीत गए
वों बेबस से इंतजार करते रहें नेताओं के वादों का...
मिला जो हक किसानों को वों भी है नेता बेच खांए।



vot benk kee khaatir kuchh vaade kar gae ..
ek baar fir annadaata ka dil jeet gae
von bebas se intajaar karate rahen netaon ke vaadon ka...
mila jo hak kisaanon ko von bhee hai neta bech khaane.
final word-

kisan ki zindagi

kisan ki zindagi-भारतीय किसानों का जीवन कठिनाइयों से भरा पड़ा  है वह प्रातः काल। हल जोतने हैं और हम सभी के लिए ठंड गर्मी व शासन कर दिन रात कड़ी मेहनत करके फसल उगाते हैं, परंतु इतनी मेहनत के बावजूद भी उनका जीवन सुख से परिपूर्ण नहीं होता है।

उन्हें अपनी मेहनत का वह मूल्य नहीं मिल पाता है। उनके पास अपनी सामन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए भी पेसे नहीं होते हैं। kisan par shayari in hindi किसानो की दुर्दशा और स्थति को उजागर किया हैं की कैसे अकाल और अच्छी फसलों के ना होने कारण वे कर्ज में डूबे रहते हैं।

भारतीय किसान भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति सुधारने के लिए सरकार को उनके लिए कुछ सफल प्रयास करना चाहिए। अगर किसान नहीं होंगे तो हम नहीं रहेंगे। उनकी सुख सुविधा खेती का ख्याल सरकार को रखना चाहिए। तभी देश की प्रगति संभव है। आशा करते है की आपको शायरी पसंद आई होगी हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताये। read more Shayarri click here

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